Al Tamur Traders

Monday, February 4, 2013

भारत का मुसलमान कभी भी दहशतगर्द नही रहा

भारत का मुसलमान कभी भी दहशतगर्द नही रहा न तो दहशतगर्द है वह तो बस मनुवादियो और ब्राह्मणवादीयो के षड्यंत्र का शिकार है / आज तक इस देश मे जितने भी बम विस्फोट हुये है अगर निष्पक्ष जांच करवा दी जाये तो सब कुछखुल कर जनता के सामने आ जायेगा
 


1- मालेगाँव का बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
 

2- अजमेर दरगाह का बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
 

3- मक्का मस्जिद का बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
 

4- समझौता एक्सप्रेस का बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
 

5- नांदेड में संघ कार्यकर्ता राजकोंडवार के घर में बम बनाते हुए विस्फोट, जिसमें दो बजरंग दल के कार्यकर्ता मारे गए थे और पुलिस ने वहा से नकली दाड़ी और शेरवानी , कुरता ,पायजामा भी बरामद किया था
 

6- गोरखपुर का सिलसिलेवार बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
 

7- मुंबई ट्रेन बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
 

8- घाटकोपर में बेस्ट की बस में हुए बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
 

9- वाराणसी बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
 

10- कानपुर बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
निष्कर्ष
 

1- मालेगाँव का बम विस्फोट
लेफ़्टिनेंट कर्नल श्रीकांत, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर,
 


2- अजमेर दरगाह का बम विस्फोट
स्वामी असीमानंद , इंद्रेश कुमार (आरएसएस के वरिष्ठ नेता), देवेंद्र गुप्ता, साध्वी प्रज्ञा सिंह, सुनील जोशी, संदीप डांगे, रामचंद्र कलसांगराउर्फ रामजी, शिवम धाक़ड, लोकेश शर्मा, समंदर , योगी आदित्यनाथ
 


3- मक्का मस्जिद का बम विस्फोट
स्वामी असीमानंद एन्ड कंपनी
 


4- समझौता एक्सप्रेस का बम विस्फोट
स्वामी असीमानंद एन्ड कंपनी
 


5- नांदेड बम विस्फोट
संघ कार्यकर्ता राजकोंडवार
 


6- गोरखपुर का सिलसिलेवार बम विस्फोट
पुलिस ने कलकत्ता के एक आफ़ताब आलम अन्सारी है, को गिरिफतार किया था बाद मे कोर्ट से बा ईज्जत रिहा हुये
 


7- मुंबई ट्रेन बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
आज तक सच सामने नही आया
 


8- घाटकोपर में बेस्ट की बस में हुए बम विस्फोट
आज तक सच सामने नही आया
 


9- वाराणसी बम विस्फोट किन लोगो का षड्यंत्र था
आज तक सच सामने नही आया
 


10- कानपुर बम विस्फोट
बजरंग दल कार्यकर्ता , भूपेन्द्र सिंहछावड़ा और राजीव मिश्रा
 


इन सभी बम विस्फोटो के पिछे कौन लोग थे और हमारी पुलिस और जाचं एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किये गये बेकसुर मुसलमान
 


यह RSS के द्वारा षड्यंत्र है मुसलिम नौजवानो का कैरियर तबाह करने का
अजमेर के ख्वाजा मो‌ईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर 2007 में हु‌ए विस्फोट में संघ के सह प्रचारक इन्द्रेश कुमार, अभिनव भारत संगठन के मुखिया स्वामी असीमानंद, जय वन्देमातरम्‌ की मुखिया साध्वी प्रज्ञा सिंह, सुनील जोशी, संदीप डांगे, राम चन्द्र कलसंगारा उर्फ़ राम जी, शिवम धाकड़, लोकेश शर्मा, समंदर और देवेन्द्र गुप्ता सहित क‌ई हिन्दुवत्व वादी संगठनों के नेता‌ओं के नाम आये हैं।
 


राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जो देश में अपने को बहुसंख्यक हिन्दु‌ओं का संगठन मानता है, उसकी स्थापना 1925 में हु‌ई थी । लेकिन आज तक यह संगठन इसदेश की बहुसंख्यक हिन्दू आबादी का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाया है इसलि‌ए इसने अपने प्रचार तंत्र के माध्यम से दूसरे धर्मों के अनुयायियों के प्रति घृणा का उग्र प्रचार किया है और इससे अपने आनुवांशिक संगठनों के माध्यम से दंगे-फसाद करने का कार्य पूरे देश मेंनियोजित तरीके से किया है । 


अपने स्थापना काल से ही 1947 तक ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ चले आन्दोलन में संघ परिवार का को‌ई भी व्यक्ति जेल नहीं गया था और ब्रिटिश साम्राज्यवाद की समय-समय पर संघ परिवार मदद करता रहा है । संघ ने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की हत्या से लेकर उड़ीसा, गुजरात, दिल्ली, यू.पी,मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, आन्ध्र प्रदेश में नरमेध कार्यक्रम जारी रखा है । जब इतने प्रयासों के बाद भी इस संगठन को बहुसंख्यक हिन्दू जनता का प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो इसने आतंकवाद का ही सहारा लिया, महाराष्ट्रके नांदेड कस्बे में इसके कार्यकर्ता खतरनाक आयुध बनाते समय विस्फोट हो जाने से मारे ग‌ए । दूसरी तरफ यू.पी केकानपुर में भी बजरंग दल के कार्यकर्ताबम बनाते समय मारे ग‌ए ।
 



6 अप्रैल 2006 में नांदेड में हु‌ए बम विस्फोट में 5 लोग पकड़े भी ग‌ए जब पुलिस ने आर.एस.एस के लोगों के घरों पर छापे डाले तो छापे में मुसलमानों जैसीड्रेस, नकली दाढ़ी, बरामद हु‌ई जिसका उपयोग वे मस्जिद पर हमले करने की योजना बनाते समय करते थे । जिससे साम्प्रदायिक दंगे भड़के ।


 नांदेड बम कांड के आरोपियों ने यह भी खुलासा किया था कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्‍व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, दक्षिण भारत में आतंकी नेटवर्क बनाकर आतंकवाद का सहारा ले रहा है ।
 


हिन्दू व हिन्दुत्व आतंकवाद ने देश कोगृह युद्ध में झोंकने के लि‌ए आर.एस.एसके इन्द्रेश ने मोहन राव भागवत की हत्या का षड्‌यंत्र रचकर पूरे देश मेंअल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी दुष्प्रचार के तहत ( यदि षड्‌यंत्र कामयाब हो जाता ) पूरे देश में अल्पसंख्यकों के विनाश की तैयारी कर ली गयी थी । मालेगांव बम विस्फोट के आरोपियों के बयानों में यह भी आया है कि आर.एस.एस के उच्च पदस्थ अधिकारी इन्द्रेश ने पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आ‌ई.एस.आ‌ई से तीन करोड़ रुपये लि‌ए थे । पाकिस्तान की कुख्यात खूफिया एजेंसी आ‌ई.एस.आ‌ई को एक समय में भारत विरोधी कार्यों के लि‌ए सी.आ‌ई.ए ने उन्हें बाकायदा प्रशिक्षणदेने के साथ आर्थिक मदद की थी । सन्‌ 1947 में भारत ब्रिटिश साम्राज्यवादसे मुक्‍त हु‌आ था और दुनिया में ब्रिटिश साम्राज्यवाद कमजोर होने की वजह से अमेरिकन साम्राज्यवाद का उदय हु‌आ था ।
 


अगर इन सभी बम विस्फोटो कि निष्पक्ष जांच बिना पछपात के करा दि जाये तो तभी तभी दूध का दूध और पानी का पानी होगा
 


आज भी बड़ी संख्या में मुस्लिम युवक ऐसे आतंकी हमलों के सिलसिले में सलाखों के पीछे हैं, जिन हमलों की जिम्मेदारी असीमानंद एंड कंपनी ने ले ली है। क्या सरकार, पुलिस की पूर्वाग्रहग्रस् ­त व गलत जाँच प्रक्रिया के कारण इन युवकों के साथ न्याय कर पाऐगा