औरत को मर्द से नहीं औरत को औरत से तहफ्फुज की ज़रूरत है,
Har Ibteda Se Pehle Har Inteha Ke Baad, "ZAAT-E-NABI Buland Hai "ZAAT-E-KHUDA" Ke Baad, Dunya Main Ehtraam Ke Qabil Hain Jitne Log, Main Sabko Manta Hun, Magar ,"MUHAMMAD-MUSTAFA{sall’Allaahu ta’aalaa alaihi wa’sallam} Ke Baad..
औरत को मर्द से नहीं औरत को औरत से तहफ्फुज की ज़रूरत है,
रिश्तों में बोलना जरूरी है।
पछतावा
बस एक चीज़ का ध्यान रखना,
घरों में काम करने वाली एक औरत रोटी पकाने के साथ साथ अपनी छोटी सी बेटी को डांट रही थी, जो बार बार जूते के बगैर बाहिर गली में जाने की कोशिश करती थी, उसकी मां उसे डराने के लिए बड़ी अजीब तावीलें पेश कर रही थी,
बच्चों को बालिग होकर एहसास होता है के असल कामयाबी खिलौने जमा करना नहीं बल्कि तालीमी मैदान में आगे बढ़ना है,
अस्सलामू अलैकुम वारहमतुल्लाही वाबरकातहु
जिन्दगी के तजुर्बात
अगर लोग मुझसे पूछें के तुमने अपनी जिंदगी में क्या कुछ सीखा तो मेरा जवाब होगा के मैंने अब तक की अपनी ज़िन्दगी से यही सीखा के :-
1- दुनिया क़र्ज़ है जो दोगे वहीं लौटकर आएगा,
2- देर सवेर मजलूम को मदद जरूर मिलेगी
3- रात के आखिरी पहर की दुआएं रायगा नहीं जाती,
4- ज़िन्दगी किसी भी वक्त खत्म हो सकती है मगर हम इससे गाफिल रहते हैं,
5- मीठी ज़बान, हंसता मुस्कुराता चेहरा और सखावत वा फय्याजी यही असल अखलाक है,
6- दुनिया का सबसे मालदार इन्सान वह है जिसके पास सेहत वा तन्दरूस्ती और अमन वा अमान की दौलत हो,
7- जिन्दगी खतम हो जायेगी मगर जिन्दगी की मसरूफियात खत्म नहीं होगी,
8- लोगों को पहचानने का सबसे बहतरीन जरिया उनके साथ सफर करना है,
9- जो ज्यादा फलसफे बघारता है और मैं मैं की ज़बान बोलता है वह अंदर से खोखला होता है,
10- आज जो कब्रों में दफन हैं उनकी जिंदगी में भी बहुत सारी मसरूफियात थी और वह बहुत कुछ करना चाहते थे मगर मौत ने अचानक सारी आरजूओं और तमन्नाओं पर पानी फेर दिया,
ऐ अल्लाह ! जिन्दगी में ज्यादा से ज्यादा नेकियां करने की तौफीक़ दे और नेक अमाल पर हमारा खात्मा फरमा और जो कब्रों में दफन हैं उनपर रहमत वा अनवार की बारिश बरसा"
अरबी से मनकूल
साभार: मौलाना शाहिद सनाबिलि
हिन्दी तर्जुमा: Umair Salafi Al Hindi
रिश्तों की बुनियाद क्या है ?
मैंने अपने आप से सवाल किया,
मुझे याद है सब ज़रा ज़रा
बच्चों का जिंसी इस्तेहसाल (Child Sex Abuse) (किस्त 1)
जिंसी इस्तेहसाल क्या है ??
बच्चों के जिंसी इस्तेहसाल का मतलब है एक बालिग (Adult) आदमी का बच्चे के साथ जिंसी मामलात में शामिल पाया जाना। आम तौर पर बच्चे को अपनी मासूमियत और जिंसी मुआमलात से अनजान होने की वजह से ये मालूम ही नहीं होता के उसका इस्तेहसाल किया जा रहा है और उसे गलत मकसद के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, उसे ये मालूम नहीं होता के उसके साथ क्या किया जा रहा है, लेकिन वह इन कामों से बेचैनी महसूस करता है,
Child Sex Abuse का मतलब सिर्फ जिस्मानी ताल्लु़क ही नहीं है बल्कि इसे जमरे में वह तमाम काम आते हैं जो जिंसी जज़्बात को उभारते हैं मसलन जिंसी तस्वीर दिखाना, पोर्न वगेरह,
अफसोस नाक बात ये है के जिस क़दर ये चीज़ हमारे मुआशरा में आम हो रही है और बच्चों पर इसके जिस कदर बुरे असरात पड़ रहे हैं, मां बाप इस बात से अनजान हैं,
किसमें (Types Of Child Sex Abuse )
इसकी दो किसमें हैं:
1- जिस्मानी ताल्लुकात (touching Behaviour)
इसमें ये सब काम आते हैं,
* बच्चे के जिंसी हिस्सों को छूना, थपथपाना और चाटना
* बच्चे को मजबूर करना के वह बड़े के जिंसी हिस्सो को छुए और उनसे खेले,
* कोई चीज़ बच्चे के जिंसी हिस्से या मुंह में डालना, मसलन उंगली या लिंग वगेरह
* बच्चे के मुंह में लिंग डालना।
2- गैर जिस्मानी ताल्लुक ( Non Touching Behaviour)
* बच्चे को गंदी तस्वीर दिखाना
* बच्चे को अपने जिंसी हिस्से दिखाना
* बच्चे को बीगैर कपड़ों के देखना
* बच्चे से अलग अलग जिंसी अंदाज़ (pose) बनवाना और उनकी तस्वीर खींचना।
Child Sex Abuse कौन करता है ??
ये आम तौर पर उन लोगों के हाथ होता है जिन्हे बच्चा जानता हो और उन पर भरोसा करता हो मसलन घरेलू नौकर, टीचर, और करीबी रिश्तेदार, मसलन मामू, चाचा, और कजिन वगेरह,
Sex Abuse में आम तौर पर मर्द शामिल होते हैं, लेकिन कभी कभी औरतें भी इस काम में शामिल पाई जाती है मसलन घर में काम करने वाली कम उम्र लड़कियां जो बुलूगत की उम्र को पहुंचने वाली हों या बड़ी उम्र की वह औरतें जिनकी उम्र ज़्यादा हो चुकी हो और उनकी शादी ना हुई हो या शादी शुदा वह औरतें जिनके शौहर लम्बे अरसे से बेरून मुल्क मुकीम हों,
जारी......
किस उम्र के बच्चे का जिंसी इस्तेहसाल किया जा सकता है ??
इसके नतीजे ?? वजह ??
इंशा अल्लाह अगले पोस्ट में बयान होगा !!
साभार: Umair Salafi Al Hindi
Blog: Islamicleaks.com