Har Ibteda Se Pehle Har Inteha Ke Baad, "ZAAT-E-NABI Buland Hai "ZAAT-E-KHUDA" Ke Baad, Dunya Main Ehtraam Ke Qabil Hain Jitne Log, Main Sabko Manta Hun, Magar ,"MUHAMMAD-MUSTAFA{sall’Allaahu ta’aalaa alaihi wa’sallam} Ke Baad..
Thursday, June 4, 2020
Wednesday, June 3, 2020
Tuesday, June 2, 2020
Monday, June 1, 2020
Friday, March 13, 2020
तुम्हारी मस्जिदें तड़प रही हैं
तुम्हारी मस्जिदें तड़प रही हैं अगर तुम को आंखें दी गई थी तो इसीलिए ताकि तुम उसको देखो अगर तुमको दिल गया था तो इसीलिए ताकि सिर्फ उसी को प्यार करो अगर तुमको आंसू दिए गए थे तो इसीलिए ताके सिर्फ उसी की याद में बहाव, और अगर तुम्हारी पेशानी बुलंद की गई थी तो इसीलिए ताकि उसी के आगे झुकाओ,
पर आह ! तुम्हारी जबाने उसकी हम्द से महरूम हो गई तुम्हारे दिल उसकी मोहब्बत के ना होने से उजड़ गए तुम्हारी रूह में उसकी चाहत की जगह गैरों की चाहते भर गई , तुम्हारे कदम उसकी तरफ बढ़ने से बोझल हो गए और तुम्हारी आंखों में उसके इश्क के दर्दो गम के लिए एक कतरा अश्क भी ना रहा
तुम्हारी मस्जिदें तड़प रही है कि रास्ता बाजो की तड़पती हुई और मुस्तराब नमाजे उन के नसीब हो मगर हैवानो और चौपायों के खड़े रहने और औंधे हो जाने के सिवा वहां कुछ नहीं होता,
हालांकि तुम्हारा खुदा तुम्हारे खड़े रहने और औंधे गिरने का भूखा नहीं और अगर पांव पर खड़ा रहना ही इबादत होता है तो जंगलों के दरख़्तों से ज्यादा तुम खड़े नहीं रह सकते,
बहुत हो चुका ! अब भी छोड़ दो , बहुत सो चुके अब भी चौंक उठे बहुत गुम हो चुके अब भी अपने आप को पा लो, खुदा ने तुमको वह मोहलत दी है जिस से बढ़कर आज तक जमीन की किसी मखलूक को भी मोहलत ना दी गई , फिर ऐसा ना हो के वह तुमसे अपना रास्ता काट ले और तुम्हारी जगह किसी और को अपनी चाहतों की शहंशाही और अपनी मोहब्बत का ताज वा
तख्त दे दे जैसा के उसी ने हमेशा किया है
तख्त दे दे जैसा के उसी ने हमेशा किया है
अगर तुमको अपना माल व मता खुदा से ज्यादा महबूब है कि उसे ना दोगे और अपनी जानो को उसकी मोहब्बत से ज्यादा प्यारा समझते हो कि उसके लिए दुख में ना डालोगे और अगर तुम्हारे दिलों की आहें तुम्हारे जिगर की टीस और तुम्हारी आंखों के आंसू अब उसके लिए नहीं रहे बल्कि दूसरों का माल हो गए हैं तो यकीन करो कि वह भी तुम्हारा मोहताज नहीं है और उसकी कायनात इंसानों से भरी पड़ी है वह अगर चाहेगा तो अपने कलमा ए हक की खिदमत के लिए दरख्तों को चला देगा पहाड़ों को मुतहैरिक कर देगा कंकरो और खाक के ज़र्रों के अंदर से सदाएं उठने लगेंगी पर वह फासिक और नाफरमान इंसानों से कभी भी काम ना लेगा और अपने कलाम पाक की इज्जत को नापाकियों की गंदगी से कभी भी आलुदा ना होने देगा और फिर भी तुम मानो या ना मानो मगर मैंने सचमुच देखा कि जब तुम्हारे अंदर से उसकी पुकार का जवाब ना मिला तो वह दूसरों को प्यार और मोहब्बत के हाथों से इशारा कर रहा है
+(तंजिया ए आजाद, अबुल कलाम आज़ाद पेज १०८-१०९)
Monday, February 24, 2020
औरत बचाओ मुहिम
डॉक्टर हामिला औरत को बहुत ज़्यादा Calcium खिला रहें हैं Ca और Iron के Suppliments को हिक्मत में कुष्ता कहते हैं इन से बचे...
अक्सर प्रेगनेंट औरत और नमलूद बच्चों को शादीद परेशानी का शिकार होते देखा है, इस पोस्ट में उसी की वजह साफ तौर पर बयान कर दी गई है
औरत बचाओ मुहिम
एक दोस्त का सवाल
आज कल डिलीवरी नॉर्मल क्यूं नहीं होती है ? जबकि आज कल मॉडर्न हॉस्पिटल्स वा मॉडर्न टेक्नोलॉजी मौजूद है..
जब किसी औरत को उम्मीद होती है तो वह फौरन लेडी डॉक्टर के पास भी जाती है, 9 महीने उसके अंडर चेकअप रहती है, उसकी लिखी हुई दवा भी खाती है, उसकी महंगी फीस भी चुकाती है, मगर जब डिलीवरी का वक़्त आता है तो फिर Case नॉर्मल क्यूं नहीं होता ??
9 महीने लगातार Folic Acid और Calcium की गोलियां खाने और Venofer की ड्रॉप्स लगवाने के बावजूद, डिलीवरी के वक़्त खून की कमी क्यूं हो जाती है ???
मेरे प्यारे अजीजों !
इस सवाल का जवाब कुछ इस तरह है के, डिलीवरी नॉर्मल ना होने की सबसे बड़ी वजह Muscular Tissues
का सख्त होना है और ऋतुबत तैलीय यानी Lymphatic Liquid का कम होना है,
याद रखें,
औरत के जिस्म में जितनी लचक Flexibility होगी बच्चे के उतने है चांस नॉर्मल के होंगे,और जितने सख्त होंगे उतना ही ऑपरेशन का चांस ज़्यादा होगा
ये सब वजह औरत के जिस्म के Muscular Tissues को सख्त और रास्तों को तंग कर देते हैं और उनके अंदर की ऋतुबात तैलीय Lymphatic Liquid कम हो जाती है जो Lubrication का काम करती है, फितरत और नेचर के खिलाफ जब हम चलेंगे तो फितरत हमें सजा जरूर देगी, यानी फितरत से खिलाफवर्जी की सजा कि वजह से हमें ऑपरेशन से गुजरना पड़ता है, जबकि
बहुत मॉडर्न हॉस्पिटल्स है, महंगे डॉक्टर है, महंगे दवा और महंगे इंजेक्शन,air conditioning कमरे
याद रखें
इन सब चीज़ों का फितरत से कोई ताल्लुक नहीं हो सकता, पैसे का लालच और होश वा इंसानियत से दूरी, मरीज़ की ज़िन्दगी और सेहत से ज़्यादा मरीज़ की जेब पर नजर का होना दूसरी बड़ी वजह है, औरत का आसानी पसंद होना और ये ख्याल की हमल हो जाने के बाद काम नहीं करना, सारा दिन खाली बैठे रहना muscular tissue और खुसुसन Ovari के Muscles को नरम और flexible बनाने के बजाए stiff और सख्त बना देता है,
खाली सारा दिन लेते रहने के बजाय अगर कुछ खास एक्सरसाइज खुसुसन आखिरी महीनों में की जाए,। या घर के काम काज किए जाएं जैसे झाडू देना , डस्टिंग करना
इससे Ovari की muscles को हरकत मिलेगी , जिससे हरारत पैदा होगी जो नरम करेगी
खुराक में जब हम Folic Acid या Venofer के इंजेक्शन लगाएंगे तो ये लोहा होने की वजह से जिस्म के Muscles को इंतेहाई सख्त करेगा क्योंकि ये Muscles की खुराक है, जिससे रास्ता खुलने के बजाय और तंग होगा, उसकी जगह अगर,
मुरब्बा हरड़
मुरब्बा अमला
सेब
पालक साग
कलेजी,
दूध
अंडा
शहद
घी
मनकी
आडू
लौंग
दालचीनी
बादाम और
जाफ रान का इस्तेमाल किया जाएं तो उससे जिस्म को कुदरती Folic Acid और खून भी ज़्यादा मिकदार में मिलेगा, और जिस्म के Muscular Tissues सख़्त होने के बजाए ताकतवर और नरम होंगे और खूबसूरत बच्चे पैदा होंगे इनशा अल्लाह ,
दूसरी तरफ Calcium की गोलियां याद रखें हड्डियों को सख्त कर देती है, 9 महीने लगातार Calcium की गोलियां खाने से मां और बच्चे की हड्डियां सख्त....
तो आप अंदाजा कर लें के Muscular Tissues भी सख्त , हड्डियां भी सख्त , इसी लिए कभी कभी कह दिया जाता है के बच्चे का सर बढ़ा हुआ है, मां की हड्डी बड़ी हुई है इसलिए ऑपरेशन ही होगा,
भाई 9 महीने अंधा धुंध Calcium की गोलियां खिला खिला कर आपने नॉर्मल डिलीवरी का चांस छोड़ा ही कब है,
क्यूंकि इससे कमाई ज़्यादा है ऑपरेशन से तो पैसे बनने है, नॉर्मल से क्या मिलना है, अगर कुदरती Calcium यानी
दूध
दही
अंडे
घी , खिलाया जाता तो गारंटी से कहता हूं कभी Calcium की कमी ना आती और हड्डियां मजबूत तो होती मगर बढ़ती ना, सख्त ना होती,
हा ! दुकान की सेल जरूर काम हो जाती, कमिशन जरूर कम हो जाता, मेडिकल स्टोर की सेल कम हो जाती, क्यूंकि अमली तौर पर हमारा अल्लाह पर यकीन ज़ीरो है, तकरीरों और बात चीत में 100 फीसद है,
डिलीवरी नॉर्मल ना होने की एक बड़ी वजह, जैसा के मैंने बताया है हड्डियों का सख्त होना,
Muscular tissue का सख्त हो कर उनमें लचक का कम होना और उसमे रूतुबत तैलीय की कमी का होना है, जो Lubrication का काम करती है , इन सब के लिए आखिरी माह सदियों से आजमाया हुआ फॉर्मूला जो हमारी माएं इस्तेमाल करती आ रही थी,
एक तो जिस्मानी वर्जिश और दूसरी अहम चीज देसी घी, छुआरा और जाफ्रान का इस्तेमाल था, दूध में डालकर जिसमें फौलाद कैल्शियम गंधक यानी हरारात अधिक मिकदार में होती है इसका छोड़ देना, और सारा दिन औरतों का बिस्तर पर पड़े रहना और कैल्शियम फोलिक एसिड की गोलियां खाना और Venofer के इंजेक्शन लग वाना है,.
फिर डिलीवरी के रोज़ और दौरान वो ज़ुल्म वा सितम होता है, अल्लाह की पनाह , एक तो शर्म वा हया की धज्जियां उड़ा दी जाती है, जिस्म दिखाया जाता है,
फिर पैसों का लालच और हिर्स में हम उस हद तक गिर चुके हैं के, नॉर्मल केस को कट लगवाकर जेबों पर डाका डाला जाता है,
एक और ज़ुल्म जिसकी तरफ बतौर खास तवज्जो दिलाना चाहता हूं के बच्चा जब मां के पेट में होता है तो उसका दर्जा हरारत 80 से 90 डिग्री तक होता है, लेबर रूम में Air Condition होने की वजह से एक तो मां के अजलात सर्दी से सिकुड़ते है, ये साइंस का उसूल है के सर्दी से चीज़ सिकुड़ती और हरारत से फैलती है,
कमरे में 16 डिग्री का तापमान रहने से रहम सिकुड़ेगा या फैलेगा ?
यकीनन सिकुडेगा तो ये चीज़ नॉर्मल डिलीवरी में फायदेमंद है या रुकावट ?? यकीनन जवाब है रुकावट
मगर, नाज़ुक मिजाज़ डॉक्टर को गर्मी लगेगी लिहाज़ा मरीज़ जाए भाड़ में या मौत के मुंह, हद तो ये है के डॉक्टर तो डॉक्टर है लेकिन रूम का सफाई वाला अमला और उसका नखरा और उसका रुआब अल्लाह की पनाह, वा आसमान पर होता है
मगर सलाम है हमारी उन माओ और बहनों को जो लेबर रूम में अंगीठियां जलाकर पसीने पसीने हो कर फितरी अमल को पाए तकमील तक पहुंचाती थी घर में ही,
इस सिलसिले में एक और मसला बच्चे का सांस उखड़ना और incobeter में डालना ,
प्यारे भाई, जब बच्चा एक दम से 80-90 डिग्री तापमान से एक दम 16 डिग्री के तापमान पर आएगा तो उसकी सांस ना उखड़ेगा तो और क्या होगा ??
फिर दर्द के इंजेक्शन लगवाने की सज़ा बल्कि भैंसों वाले इंजेक्शन पाबंदी के बावजूद लगवाए जाते हैं, जो औरत को सारी ज़िन्दगी कमर दर्द की सूरत भुगतना पड़ती है वह एक अलग कहानी है,
फिर एक एक दिन का गिनना और एक दिन भी ऊपर या नीचे ना जाने देना के ग्राहक किसी और दुकान का रुख ना कर जाए,
इस सिलसिले में सिर्फ इतना अर्ज़ करूं के फल जब पकता है तो खुद बखुद नीचे गिरता है, दर्दें कुदरती और फित्री होना चाहिए, याद रखें फितरत इंसान की दोस्त है दुश्मन नहीं,
मस्नुई दर्द के ग्राहक दूसरी दुकान ना चला जाएं के खौफ से भैंसों वाले टीके लगाएंगे, जो फितरत के साथ भयानक मज़ाक है फिर नतीजे तो भुगतने पड़ेंगे, सजा तो ज़रूर मिलेगी, फितरत किसी को माफ नहीं करती
फिर याद रख लें, बच्चों के अंदर जितने केसेस खून की कमी के आ रहें है वह सब के सब मसनुई Folic acid और मसनुई Calcium की वजह से हैं, क्यूंकि इससे तली का Spleen फाल डिस्टर्ब होता है जिससे वह Anaemia का शिकार हो जाते हैं ,
मुख्तसर
फितरत से जितना दूर हटेंगे इतनी हमें सज़ा ज़्यादा मिलेगी इस मौजू पर बहुत है कहने को शायद इतना भी हज़म ना हो दुकानदारों को,
लेकिन मेरे प्यारे भईयों
ये हमारी माओ बेटियों और शरीक ए हयात का मसला है !!!!
इस पोस्ट को इतना शेयर कीजिए के ये " औरत बचाओ मुहिम " बन जाए
लेखक : अब्दुल्लाह भाई
हिंदी तर्जुमा : Umair Salafi Al Hindi
Via Islamicleaks
Saturday, November 3, 2018
ZAKAWAT E HISS (शीध्र पतन) KI BIMARI AUR USKA ILAAJ
Bismillahirrahmaanirraheem
ZAKAWAT E HISS KI (शीध्रपतन) BIMAARI AUR USKA ILAAJ
ZAKAWAT E HISS (शीध्रपतन)
Ya Marz Bhi Sheedra'Patan (Sur'at E Inzaal) Jaisa Hai , Magar Isme Yah Hota Hai Ki Kuch Haalaat Me Kapda Bhi Aazu (Penis) Se Chhu Jaye To Mani Kharij Ho Jaati Hai, Aksar Khyaal me Jinsi Khwahish Ke Ubharne Par Aur Zyadatar Sohbat, Ishq Aur Sex (jins) Ki Baatein Karte Waqt Mani Khaarij Ho Jaati Hai Aur Kapde Gande Ho Jaate Hain, Aajkal naujawano ko Saath Aksar Aisa Hota Hai, Kyunki Unke Apne Zehan , Iraade Aur Jazabe Par Control Nahin Hota Hai,
Naubat Yahan Tak Aa Jaati Hai Ki Mani Khud Ba Khud Nikalne Lagti Hai, Khud'aitmaadi ( आत्म विश्वास) Bilkul Baaqi Nahin Rahta , Mazi ( Mani Jaisa Sperm Jo Patla Hota hai) baithte Waqt, Sote Waqt, Chalte Firte Waqt Aur Pakhaana Karte Waqt Bhi Khaarij Hoti Rahti Hai, Yah Tabaah'kun Marz Hai, Isliye Iski Rokthaam Ke Liye Fauran Dawa Istemaal Karni Chahiye
ROOHAANI ILAAJ:
is Marz Me Apne Zehan Ko Apne Control Me Karna Zaroori Hai, Taaki Sabse Pahle Ye Khyaal Zehan Me Paida Hi Na Ho, Aur Agar Dimaagh Me Ubharne Lage Toh Unhe Badhne Se Pahle Hi Kuchal Diya Jaaye Taki Fitna Paida Na Ho, Kasrat Se SubhanAllah Padhne Rahne Se Gande Khyalaat Me Kaafi Kami Aa Jayegi, Yah Koi Mushkil Kaam Nahi Hai, Aap Allah Paak Ki Is Yaad Se Zaroor Faayeda Uthaaye, Yaad Rakhen Jab Gande Khyaalaat paida Hone Ki Shuru'aat ho Toh Apna Dhyan Kisi Dusre Kaam Me Ya Jagah Ki Taraf Laga Den Ise English Me Diversion Of Attention Kahte Hain, Ye Bilkul Aasaani Se Ho Sakta Hai, Sirf Iraada Mazboot Hona Chahiye, Agar Kisi Majlis Me Aisi Baatein Hon Toh us Majlis Ko Chhodkar Chale Jaayen
MEDICAL ILAAJ:
Is Marz Me Wahi Dawa Istemaal Hoti Hain Jo Surat'e Inzaal ( Sheedra'Patan) Ke Liye Istemaal Hoti Hain Padhiye Post ISLAMICLEAKS Blog Par, Albatta.
1-Silex Nigra Q (Mother Tincture)
2- Origanum Q (Mother Tincture)
2- Origanum Q (Mother Tincture)
Ko Un Dawaon Ke Saath Zaroor Istemaal Karen , Taaki Kaam Waasna Aur Shahwat Kam Ho Jaaye
1- Metrum Mayur 12x
2-Netrum Rulf 12 x
2-Netrum Rulf 12 x
30 GM's Khareed Kar Rakh Lein, Jab ZAKAWAT E Hiss Ki Zyada Shikaayat Ho Toh Dusri Dawaon Ke Saath Inki 4-4 Goliyan Bhi Din Me 3 Baar Choos Lein, Jab Yah Shikaayat Jaati Rahe Toh In Dawaon Ko Band Kar Dein
Upar Likhi Dawayen Aisi Hain Ki Agar Aap Inme Se Koi Ek Bhi Dawa Istemal Karen Toh In Sha Allah Aaraam Hoga, Agar Ek Se Zyada Istemaal Karenge Toh Bhi Nateeja Bahtar Saabit Hoga,
Aam Taur Par Musht'zani ( Hast'maithun) Karne Walon Ko ZAKAWAT E Hiss Zyada Hoti Hai, Is Liye Sabse Pahle Musht'Zani Se Tauba Kijiye
#UmairSalafiAlHindi
#ISLAMICLEAKS
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