मुझे याद है सब ज़रा ज़रा
Har Ibteda Se Pehle Har Inteha Ke Baad, "ZAAT-E-NABI Buland Hai "ZAAT-E-KHUDA" Ke Baad, Dunya Main Ehtraam Ke Qabil Hain Jitne Log, Main Sabko Manta Hun, Magar ,"MUHAMMAD-MUSTAFA{sall’Allaahu ta’aalaa alaihi wa’sallam} Ke Baad..
मुझे याद है सब ज़रा ज़रा
इसाइयों का वफद जब गरनाता पहुंचा तो क्या देखता है, एक बच्चा हाथ में तीर कमान लेकर खड़ा है और उदास है, पूछने पर पता चला के अब मैं तीर के साथ उड़ते हुए परिंदों को शिकार करते करते बोर हो गया हूं, अब मेरा मशगला तीर के साथ दरिया में मौजूद मच्छली का शिकार करना है,इसाई वफद सुनकर दंग रह गया के जिस कौम का बच्चा इतना अच्छा तीर अंदाज़ है वह कौम मैदान ए जंग में शिकस्त नहीं खा सकती, वह वफद वापस गया और बड़ी सोच विचार के बाद नौजवान लड़कियों के वफद दोस्ती वा सिकाफत के नाम पर मुसलमान मुल्क में भेजने शुरू कर दिए ,कुछ साल गुज़रा इस बेहयाई ने काम दिखाया और मुसलमानों की गैरत को दीमक की तरह चाट लिया, अब वही ईसाई वफद दोबारा आया,साहिल समुंदर पर उतरा तो क्या देखता है, एक नौजवान उदास होकर सर झुकाए बैठा हुआ था,पूछने पर पता चला कि उसकी महबूबा ने मिलने का वादा किया हुआ था , लेकिन वो बेवफा निकली और मिलने ना पहुंची,इसाई वफद समझ गया !! अब ये टूटे दिल, नाकाम आशिक, तलवार का बोझ नहीं उठा सकतेउन्होंने मुसलमानों से जंग की और उन्हें उंदुलस (स्पेन) की ज़मीन से मिटा कर रख दिया ,अब गरनाता (Granada), अशबिलिया (Seville), तलीतला (Toledo) वगेरह में सिर्फ बोशीदा इमारतें रह गईं हैं, और दास्तान तक नहीं दास्तानों में ,उम्मत के नौजवानों को सबसे ज़्यादा तबाह वा बर्बाद ऐश वा इशरत, फहाशी और जिस्म की नाजायज मुहब्बत ने पहुंचाया है,साभार: Umair Salafi Al Hindi
बच्चों का जिंसी इस्तेहसाल (Child Sex Abuse) (किस्त 1)
जिंसी इस्तेहसाल क्या है ??
बच्चों के जिंसी इस्तेहसाल का मतलब है एक बालिग (Adult) आदमी का बच्चे के साथ जिंसी मामलात में शामिल पाया जाना। आम तौर पर बच्चे को अपनी मासूमियत और जिंसी मुआमलात से अनजान होने की वजह से ये मालूम ही नहीं होता के उसका इस्तेहसाल किया जा रहा है और उसे गलत मकसद के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, उसे ये मालूम नहीं होता के उसके साथ क्या किया जा रहा है, लेकिन वह इन कामों से बेचैनी महसूस करता है,
Child Sex Abuse का मतलब सिर्फ जिस्मानी ताल्लु़क ही नहीं है बल्कि इसे जमरे में वह तमाम काम आते हैं जो जिंसी जज़्बात को उभारते हैं मसलन जिंसी तस्वीर दिखाना, पोर्न वगेरह,
अफसोस नाक बात ये है के जिस क़दर ये चीज़ हमारे मुआशरा में आम हो रही है और बच्चों पर इसके जिस कदर बुरे असरात पड़ रहे हैं, मां बाप इस बात से अनजान हैं,
किसमें (Types Of Child Sex Abuse )
इसकी दो किसमें हैं:
1- जिस्मानी ताल्लुकात (touching Behaviour)
इसमें ये सब काम आते हैं,
* बच्चे के जिंसी हिस्सों को छूना, थपथपाना और चाटना
* बच्चे को मजबूर करना के वह बड़े के जिंसी हिस्सो को छुए और उनसे खेले,
* कोई चीज़ बच्चे के जिंसी हिस्से या मुंह में डालना, मसलन उंगली या लिंग वगेरह
* बच्चे के मुंह में लिंग डालना।
2- गैर जिस्मानी ताल्लुक ( Non Touching Behaviour)
* बच्चे को गंदी तस्वीर दिखाना
* बच्चे को अपने जिंसी हिस्से दिखाना
* बच्चे को बीगैर कपड़ों के देखना
* बच्चे से अलग अलग जिंसी अंदाज़ (pose) बनवाना और उनकी तस्वीर खींचना।
Child Sex Abuse कौन करता है ??
ये आम तौर पर उन लोगों के हाथ होता है जिन्हे बच्चा जानता हो और उन पर भरोसा करता हो मसलन घरेलू नौकर, टीचर, और करीबी रिश्तेदार, मसलन मामू, चाचा, और कजिन वगेरह,
Sex Abuse में आम तौर पर मर्द शामिल होते हैं, लेकिन कभी कभी औरतें भी इस काम में शामिल पाई जाती है मसलन घर में काम करने वाली कम उम्र लड़कियां जो बुलूगत की उम्र को पहुंचने वाली हों या बड़ी उम्र की वह औरतें जिनकी उम्र ज़्यादा हो चुकी हो और उनकी शादी ना हुई हो या शादी शुदा वह औरतें जिनके शौहर लम्बे अरसे से बेरून मुल्क मुकीम हों,
जारी......
किस उम्र के बच्चे का जिंसी इस्तेहसाल किया जा सकता है ??
इसके नतीजे ?? वजह ??
इंशा अल्लाह अगले पोस्ट में बयान होगा !!
साभार: Umair Salafi Al Hindi
Blog: Islamicleaks.com
किस बच्चे का जिंसी इस्तहसाल (Child Sex Abuse ) किया जा सकता है ?? ( Part -2)