इस्लाम से लोगों को दूर रखने का 1 ही तरीका है की इस्लाम और इसके रसूल( सल्ल0) के बारे में चंदुखाने की उडाए जाओ
जिन्होंने शादी की रास लीला नही की ,
जिन्होंने अपनी पत्नी के साथ सम्भोग किया गर्लफ्रेंड के साथ नहीं,आने वाली नस्लों को लिव इन रिलेशन शिप का रास्ता नही दिखाया,
जिन्होंने विधवा से शादी तो कर ली उसको देवदासी बनाकर मंदिर के गर्भ ग्रेह
में पंडितों की वासना का शिकार नही बनाया, ना उसे सती देवी बन्ने दिया,
...
जिन्होंने अपने दुश्मन को पेड़ के पीछे छिप कर मारने की शिक्षा नही
दी,मक्का का विजेता बनकर भी अपनी जान के दुश्मनों को माफ़ कर देना सिखाया,
दुश्मन का पहिय्या गड्ढे में फंसा देख कर वादा करके उसकी पीठ पर वार करना
नही सिखाया,
जिन्होंने अपनी पत्नी को अबला समझकर घर से नही निकला बल्कि सच सामने आने का इन्तिज़ार किया,
जिन्होंने एक हब्शी गुलाम को काबा की छत पर चढ़ कर अजान देने वाला मर्तबा
और इज्ज़त दी उसको शुद्र नही बनाया उससे नालियां, गन्दगी साफ़ करने लायक नही
बनाया, उससे उसका अंगूठा नही माँगा,
बस आपको अच्छी बात को बुरे
तरीके से पेश करना आना चाहिए , ये भी एक बहुत बड़ी विदया है, हमारे
हिंदुत्व वादी इसके बड़े माहिर हैं, अमेरिका और इस्रैल ने इनको वेसे ही
अपने गिरोह में शामिल नही किया है, अपने टूटते धर्म और कमज़ोर विचार को
बचाने का यही तरीका बचा है इससे एक फ़ायदा और होगा अपने देवताओ और भगवानो की
खुराफातों से लोगो का ध्यान हटा रहेगा..
लेकिन कब तक सच्चाई की सिफत है वो सामने आकर रहती है, इसका उदाहरण आज संसार में इस्लाम को पसंद करने वालों की तादात में इजाफा है
जिन्होंने विधवा से शादी तो कर ली उसको देवदासी बनाकर मंदिर के गर्भ ग्रेह में पंडितों की वासना का शिकार नही बनाया, ना उसे सती देवी बन्ने दिया,
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जिन्होंने अपने दुश्मन को पेड़ के पीछे छिप कर मारने की शिक्षा नही दी,मक्का का विजेता बनकर भी अपनी जान के दुश्मनों को माफ़ कर देना सिखाया, दुश्मन का पहिय्या गड्ढे में फंसा देख कर वादा करके उसकी पीठ पर वार करना नही सिखाया,
जिन्होंने अपनी पत्नी को अबला समझकर घर से नही निकला बल्कि सच सामने आने का इन्तिज़ार किया,
जिन्होंने एक हब्शी गुलाम को काबा की छत पर चढ़ कर अजान देने वाला मर्तबा और इज्ज़त दी उसको शुद्र नही बनाया उससे नालियां, गन्दगी साफ़ करने लायक नही बनाया, उससे उसका अंगूठा नही माँगा,
बस आपको अच्छी बात को बुरे तरीके से पेश करना आना चाहिए , ये भी एक बहुत बड़ी विदया है, हमारे हिंदुत्व वादी इसके बड़े माहिर हैं, अमेरिका और इस्रैल ने इनको वेसे ही अपने गिरोह में शामिल नही किया है, अपने टूटते धर्म और कमज़ोर विचार को बचाने का यही तरीका बचा है इससे एक फ़ायदा और होगा अपने देवताओ और भगवानो की खुराफातों से लोगो का ध्यान हटा रहेगा..
लेकिन कब तक सच्चाई की सिफत है वो सामने आकर रहती है, इसका उदाहरण आज संसार में इस्लाम को पसंद करने वालों की तादात में इजाफा है