Friday, July 10, 2020

QABRPARST BADTAREEN LOG HAIN





बदतरीन लोगों के बारे में ?

हज़रत आयशा से रिवायत है के हज़रत उम्मे सलमा ने नबी ए करीम मुहम्मद (Sws) से एक गिरजे का ज़िक्र किया जो उन्होंने मुल्क ए हब्शा (इथोपिया) में देखा था और उसमें जो तस्वीर थी उसके बारे में बयान किया,

नबी करीम मुहम्मद (Sws) ने इरशाद फरमाया :- " उन लोगों में ये रिवाज था के जब कोई नेक आदमी मर जाता तो वो उसकी क़ब्र के करीब मस्जिद बना लिया करते और मस्जिद में उस मरने वाले की तस्वीर टांग दिया करते, वो लोग जो ऐसा करते थे अल्लाह के नजदीक बदतरीन लोग थे उन्होंने दो फित्ने अंजाम दिए, एक तस्वीर साजी का दूसरा क़ब्रपरस्ती का "

(सही बुखारी हदीस 427)

क्या उम्मत ए मुहम्मदी में ये फित्ने आ नहीं गए ??
क्या ऐसा हमारे यहां मजारो और खानकाहों में नहीं होता ??

Thursday, July 9, 2020

IKHWANION KA DOGLAPAN AUR SAUDI ARAB







लोगो का दोगलापन देखिए जिस ईरान ने 1980 तक और तुर्की ने 2014 तक अमेरिका से घनिष्ठ मित्रता निभाई अपने मुल्क मे शराब, वैश्यावृत्ति नंगेपन को आधिकारिक तौर पर बढ़ावा दिया इतना की लोग ईरान के तेहरान यूनिवर्सिटी के बाहर 1978 की ठंडी में अपनी टांगे दिखाती बैठी मिनी स्कर्ट मे लड़कियों को देख कर अमेरिकी बोलते थे कि हमारे हा भी लडकिया कॉलेज मे ऐसे छोटे कपड़े पहन कर नही आ सकती

वही तुर्की दुनिया मे अय्याशी की टॉप पांच मे से एक देश रहा इस नंगे पन बेशर्मी अय्याशी के बदले मे ईरान और तुर्की को अमेरिका, ब्रिटैन कनाडा ने वो आधुनिक हथियार दिए कई दूसरी टेक्नोलॉजी बनान सिखाई वो सब दिया जो अरब वालो को तेल के बदले भी नही दिए जब कि अरब उसकी दुगनी कीमत चुकाने को तौयार थे वजह थी इज़राइल उनको मालूम था इज़राइल को इनसे खतरा है ।

आज भी तुर्की के हथियारो में बोइंग, लॉकहीड मार्टिन, रैयथोन ,नार्थथोर्प गनमैन, जनरल डायनामिक ये सारी अमेरिकी हथियार कंपनी तुर्की को हथियार बनाने चिप, इंजन, कंट्रोल सिस्टम बेचती है ।

लेकिन अरबो ने इस बेहयाई का सौदा नही किया वो जो भी अमेरिका से करवाते, जितना काम लेते अपनी शर्तों पर लेते साफ बोल कर लेते की हम दो चीज़ों से समझौता नही करते इस्लाम और हमारी हुक्मरानी लेकिन आज तुर्की मीडिया, अल जज़ीरा ,ईरान की प्रेस टीवी जो अपने आप को इस्लामिक बताते है और दूसरों को गैर इस्लामिक वो सऊदी अरब के खिलाफ अमेरिकी मीडिया के साथ मिल कर रिपोर्ट पब्लिश करते है अमेरिका ब्रिटैन कनाडा मे देखो यहा कोड़े मारे जाते है, यहा सरे आम सर कलम किया जाता है कैसे जाहिल किस्म के लोग है सऊदी और अरब वाले ताकि सऊदी वाले जो अपनी संस्कृति से बिना या कम से कम समझौता किये अमेरिका, ब्रिटैन से सारी आधुनिक टेक्नोलॉजी बनाना सीख कर 2030 आत्मनिर्भर और ताकतवर बनना चाहते है पश्चिम देश की जनता के दबाव मे न बने साथ ही ये मुसलमानो को अरब के खिलाफ भड़कते और तुर्की ईरान भक्त बनाना चाहते है ठीक उसी तरह मीडिया को खरीद के इस्तेमाल कर के जैसे भारत मे हो रहा है

और दोगले मुसलमान हमारे बीच के भक्त से एक कदम आगे की जहालत दिखाते है !

Hussain Akhtar

Wednesday, July 8, 2020

SAUDI ARAB AUR IKHWANI PROPAGANDA






सऊदी अरब ताकत दिखाकर पेट्रोल का दाम घटा दिया तो कहने लगे, रूस की चापलूसी में किया है,

रूस ने ओपेक प्लस की मीटिंग तलब की और कीमत पर बात चीत करने के लिए अपील की और सऊदी ने इनकार कर दिया, तो कहने लगे : बिन सलमान ज़िद्दी है ये अपने साथ सब को ले डूबेगा
अमेरिका ने कीमत घटने पर सऊदी अरब को चेतावनी दी तो कहने लगे : अब सऊदी कि खैर नहीं
आज अमेरिका खुद सऊदी से मीटिंग की अपील कर रहा है तो कहते नजर आ रहें हैं : अमेरिका की बात तो मानना ही है,

2016 में जब ट्रप सदर बना था तो का रहें थे : अब सऊदी कि खैर नहीं,
लेकिन जब उसने पहला दौरा सऊदी का किया तो कहने लगे : ट्रंप तो सऊदी को चूसने आया है,

सऊदी ने भारत की ऑयल कंपनी से 100 बिलियन डॉलर का मुआहेदा किया तो कहने लगे : सऊदी को कश्मीरियों की कोई फिक्र नहीं,
जब ये मुअहेदा खतम कर दिया तो कहने लगे : ये रियाकारी है,

जब सऊदी अरब ने पिछले साल सियाहती वीज़ा जारी करके 300 रियाल फीस लगाई तो कहने लगे : आल ए सऊद ने बिलाद ए हरमैन को कमाई का जरिया बना लिया है,
जब उमरे वीज़ा पर पाबंदी लगा दी तो कहने लगे : आल ए सऊद ने खाना काबा का तवाफ करने से मुसलमानों को महरूम कर दिया,

जब सऊदी अरब ने कोराना वबाई बीमारी की रोकथाम के लिए पूरे मुल्क में लॉक डाउन कर दिया तो कहने लगे : बिलाद ए मुकद्दस में आल ए सऊद ने सिनेमा खोला तो अल्लाह ने हरमैन को बंद कर दिया
लेकिन जब इसी वबाई बीमारी की वजह से पूरी दुनिया में लॉक डाउन लगा दिया गया तो कहने लगे : ये अल्लाह का अजाब है,

कुछ हफ्तों पहले जब सऊदी अरब ने G20 मुमालिक और दीगर आलमी तंजीम को कोराना वाबई बीमारी से निपटने के लिए एक वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा लेने की दावत दी, जो के अपने अंदाज में दुनिया के अंदर पहली मीटिंग थी तो कहने लगे : ये भी छोटा मुंह और बड़ी बात कर रहा है,
लेकिन जब बाशमूल तहरीकी खलीफा साहब ने सऊदी अरब कि दावत पर लब्बैक कह कर इस नादर मीटिंग में हिस्सा लिया तो कहने लगे : इसका कोई फायदा नहीं है,

हुथियों ने रियाद पर मिसाइल फेंका तो कहने लगे : सऊदी कमजोर है,
जब सऊदी ने हुथिओं के ठिकानों पर हमला करके इनके असलहा ज़ख़ीरा को तबाह कर दिया तो बिलबिला कर कहने लगे : सऊदी येमेनी बच्चों को मारता है,

नोट : सऊदी अरब इसी लिए अपने दुश्मनों कि बातों कि परवाह किए बगैर शान से आगे की तरफ बढ़ रहा है, और दुश्मन ए ममलका दुनिया के सामने उसकी तरक्की को देख कर जल भुन रहें हैं
तर्जुमा : UmairSalafiAlHindi
IslamicLeaks

Tuesday, July 7, 2020

SAJDA E TAAZEEMI AUR TAUHEED





मेरे एक भाई ने जब मेरी कुछ पोस्ट देखी क़ब्र परस्ती को लेकर तो कहने लगे जनाब हम क़ब्र पर सजदा नहीं करते सिर्फ ताजीमी सजदा करते हैं यानी सर झुकाते है, मतलब वैसा सजदा नहीं होता जैसा नमाज़ में होता है,

तो इस सिलसिले में में बस इतना कहना चाहूंगा कि क्या कभी उन्होंने इसाई को ईसा वा उनकी मां मरयम की मूर्ति के आगे कभी सजदा करते देखा है ??

क्या कभी यहूदियों को माबद ए सुलेमानी में (हैकल) में सजदा करते देखा है ?? नहीं ना
या किसी हिन्दू को राम की मूर्ति के आगे सजदा करते देखा है ?? नहीं ना

बल्कि वो ताजीम में सर झुकाते हैं, जब वो ताज़ीमी सजदा करके मुशरिक हुए फिर आप वही ताजिमी सजदा क़ब्र पर करके मुस्लिम कैसे हो सकते हैं ??
UmairSalafiAlHindi
IslamicLeaks

Monday, July 6, 2020

SHADI KE BAAD LADKIYAN IMAN KI HALAAWAT KYUN KHO DETI HAIN ??





शादी के बाद लड़कियां ईमान की हलावत क्यूं खो देती हैं ??

एक खातून ने शेख अल्लामा नसीरुद्दीन अल्बानी रहमहुल्लाह से पूछा के शेख मोहतरम शादी के पहले मैंने नमाज़ और रोज़े की बहुत पाबंद थी, क़ुरआन मजीद की तिलावत करने में लज्जत महसूस होती थी लेकिन अब मुझे इन चीज़ों में ईमान की वो हलावत नहीं मिल पाती,

शेख अल्बानी ने पूछा :- " मेरी मुस्लिम बहिन मुझे ये बताओ अपने शौहर के हुकूक अदा करने और उसकी बात मानने का आप किस कद्र एहतेमाम करती हो ?"
वो खातून हैरत से कहने लगी :-" शेख मोहतरम में आपसे क़ुरआन कि तिलावत , नमाज़ और रोज़े को पाबंदी और अल्लाह की फर्माबरदारी के बारे में पूछ रही हूं और आप मुझसे मेरे शौहर के बारे में पूछ रहें हैं "

शेख नसीरुद्दीन अल्बानी में फ़रमाया :-" मेरी बहिन ! कुछ औरतें इसलिए ईमान की हलावत, अल्लाह की फरमा बरदारी की लज्जत और इबादत पर लुत्फ का असर महसूस नहीं कर पाती क्यूं कि रसुलल्लाह मुहम्मद (sws) ने फ़रमाया :- "
( ولا تجد المرأة حلاوة الإمان حتى تودي حق زوجها)

यानी कोई भी औरत उस वक़्त तक ईमान कि हलावत नहीं पा सकती जब तक वो अपने शौहर के हुकूक अदा ना करे "
( सही तरघीब हदीस 1939)
UmairSalafiAlHindi
Islamicleaks

Sunday, July 5, 2020

RIZQ KI BHAAG DAUD






हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसूद राजियलाह से मर्फुअन मरवी है के नबी ए करीम मुहम्मद (sws) ने फ़रमाया :-" जो चीज़ तुम्हे जन्नत के करीब कर सकती थी मैंने तुम्हे उसका हुकम दे दिया, और जो चीज़ तुम्हे आग के करीब कर सकती थी उससे मना कर दिया,
रूह ए कुदस ( जिबरील ) ने मुझे बताया है के कोई नफस उस वक़्त तक नहीं मरेगा जब तक अपना रिज्क मुकम्मल ना कर ले, इसलिए अल्लाह से डरो, और अच्छे अंदाज़ से तलब करो, और रिज्क में ताखीर ( देरी) तुम्हे अल्लाह ताला की नाफर्मानी पर ना उभारे, क्यूंकि अल्लाह ताला के पास जो कुछ है उसकी इता अत के जरिए ही हासिल किया जा सकता है "

( सिलसिला तुस सहीहा हदीस 1012 )
UmairSalafiAlHindi

Saturday, July 4, 2020

ZARF





एक बच्चे ने समुंदर पर अपना जुता खो दिया तो उसने रेत पर लिख दिया कि ए समुंदर तू चोर है ।

कुछ ही फासले पर एक शिकारी ने समुंदर में जाल फेका और बहुत सारी मछलियों का शिकार किया तो उसने खुशी के आलम में रेत पर लिख दिया की सेखावत के लिए इस समुंदर की मिसाल दी जाती है ।

एक नौजवान ने समुंद में गोता लागाया और वो गोता उसका आख़िरी गोता साबित हुआ ।
वही रेत पर बैठी उस नौजवान की माँ ने लिखा कि ए समुंदर तू कातिल है ।

एक बूढ़े शख्श को समुंदर ने मोती तोहफे में दिया जिसे पाकर वो बूढ़ा बहुत ख़ुश हुआ और उसने ख़ुशी के आलम में रेत पर लिखा की ए समुंदर तू करीम है ।
तभी एक बड़ी लहर आयी उसने सबका लिखा मिटा दिया ।
पता चला कि लोगो की बातों पर कान मत धरो , जो जहा से देखता है अपने ज़र्फ़ के मुताबिक उतना ही बोलता और सोचता है ।
शहबाज़ रशादी ।