यजीदी कौन ?? (किस्त 1)
Har Ibteda Se Pehle Har Inteha Ke Baad, "ZAAT-E-NABI Buland Hai "ZAAT-E-KHUDA" Ke Baad, Dunya Main Ehtraam Ke Qabil Hain Jitne Log, Main Sabko Manta Hun, Magar ,"MUHAMMAD-MUSTAFA{sall’Allaahu ta’aalaa alaihi wa’sallam} Ke Baad..

Monday, February 7, 2022
यजीदी कौन ?? (किस्त 1)
Sunday, February 6, 2022
महिला सम्मान और इस्लाम
महिला सम्मान और इस्लाम
महिला सम्मान के खातिर हज्जाज बिन यूसुफ ने जो अपने दौर में एक जबरदस्त जरनैल था जिससे मुजरिम कांपते थे, उसने अपने भतीजे मुहम्मद बिन कासिम को साथ हज़ार लश्कर के साथ हिंद भेजा और भतीजे कासिम ने हज्जाज़ बिन यूसुफ की ख्वाहिश पूरी की और उस मुसलमान महिला हो राजा दाहिर के चंगुल से आजाद कराया,
ये तो थी एक मुस्लिम महिला के सम्मान की बात, क्या आप जानते हैं स्पेन में किस महिला के सम्मान के खातिर तारिक बिन जियाद ने स्पेन में रॉडिक की हुकूमत को धूल चटा दी थी,
वो महिला थी राजा रादरिक के गवर्नर जूलियन की बेटी फ्लोरिडा जो ईसाई थी,
याद रहे दोनो लश्कर कुशी का हुक्म का परवाना हज्जाज बिन यूसुफ के नाम है, जो बनू उमय्या के वक्त के बसरा वा कुफा का गवर्नर था, और आज के लिब्बू वा चलांडू कहते है औरतों को इस्लाम सम्मान नहीं देता
Saturday, February 5, 2022
लोगों के रवैय्यों से परेशान ना हों
लोगों के रवैय्यों से परेशान ना हों, आपको अपने अमाल का सिला अल्लाह ताला से लेना है लोगों से नहीं, लोगों की बातों को दिल पर लेना छोड़ दें , अपनी जिंदगी का मकसद सिर्फ रब को राज़ी करना रखें , जब मकसद रब को राज़ी करना होगा तो लोगों की बातें परेशान नहीं करेंगी,
मैंने ये सीखा है के जब तक मैं हर एक की बात को अपने दिल से लगाता रहूंगा तब तक मैं अजियत में रहूंगा , किसी इंसान को सिर्फ अल्फाज़ से मेरा सुकून छीनने का इख्तियार नहीं होना चाहिए ,
Umair Salafi Al Hindi
Friday, February 4, 2022
पता नहीं सैय्यदना हसन से शिया के नज़दीक ऐसा कौनसा जुर्म हुआ है के वह उन्हे इस क़दर याद नहीं करते जैसा सैय्यदना हजरत हुसैन को याद करते हैं,
पता नहीं सैय्यदना हसन से शिया के नज़दीक ऐसा कौनसा जुर्म हुआ है के वह उन्हे इस क़दर याद नहीं करते जैसा सैय्यदना हजरत हुसैन को याद करते हैं,
Thursday, February 3, 2022
मैने बहुत अरसों तक लोगों की पसंद और नापसंद का बोझ खुद पर उठाए रखा है के,
मैने बहुत अरसों तक लोगों की पसंद और नापसंद का बोझ खुद पर उठाए रखा है के,
फलां को फलां चीज़ बुरी लग जायेगी मगर, अब मुझे खुद के लिए वक्त मिला है, जबसे खुद से मुलाकात करना शुरू किया है तो एहसास हुआ के हमें हर किसी का बोझ खुद पर लेकर जिंदा नहीं रहना खुलूस और प्रेशर को मिक्स अब नहीं करना ,
वरना दूसरों की ख्वामखाह की उम्मीदें मेरा सांस लेना भी मुश्किल कर देंगी, मैने खुद को एहसास दिलाना शुरू किया के अगर मैं लोगों के लिए सिर्फ नियत खालिस कर लूं और जरूरत पड़ने पर मयस्सर रहूं तो यही काफी है मुझे मेरी नज़र में अपने को मोअतबार बनाने के लिए,
लेकिन खुद को बिलावजाह थकाना नहीं है, क्योंकि आखिर में सोचना हर किसी को अपने मनपसंद तरीके से ही है , लिहाजा मुझे खुद को Manipulate नहीं होने देना, मुझे लोगों के इशारों पर नहीं जीना,
मुझे खुद को मारकर नहीं जीना जो मेरा खास होगा वह मिल जायेगा और जिसे जाना होगा चला जायेगा !!
मनकूल
साभार: Umair Salafi Al Hindi
Blog: Islamicleaks
Wednesday, February 2, 2022
अगर सच्ची होती वफ़ा खून के रिश्तों में, तो कभी बिकता ना यूसुफ(AS) मिस्र के बाजारों में !!
अगर सच्ची होती वफ़ा खून के रिश्तों में,
तो कभी बिकता ना यूसुफ(AS) मिस्र के बाजारों में !!
आपकी बड़ी आजमाइश जरूर आकर रहेगी जिनसे आप सबसे ज़्यादा मुहब्बत और भरोसा करते हैं... अल्लाह ताला कुरआन में फरमाता है
"...और हमने तुम लोगों को एक दुसरे के लिये आज़माइश का ज़रिआ बना दिया है। क्या तुम सब्र करते हो? तुम्हारा रब सबकुछ देखता है।" (सुराह फुरकान आयत 20)
इस फानी होने वाली जिंदगी को जीना सीखिए सब्र, खूलूस, ईमानदारी और नमाज़ के साथ, अल्लाह ताला ने साफ साफ बता दिया है की वो दूसरे लोगों से आपको आजमाएगा,
हर आजमाइश अल्लाह को राज़ी करने का मौका है, तो इसलिए अल्लाह के साथ अपना रिश्ता मजबूत करें,
मंकूल
साभार: Umair Salafi Al Hindi
blog: islamicleaks
Tuesday, February 1, 2022
अना (ज़िद) सब में होती है
अना (ज़िद) सब में होती है, झुकना कोई भी पसंद नहीं करता, मगर इसके बावजूद कोई अपनी अना का गला घोंट कर आपके लिए झुक रहा है,आपको संभालकर रखना चाहता है तो कदर करें ऐसे रिश्तों की ..!!!
वरना अच्छे लोगों का क्या है वह कहीं भी किसी भी जगह अपना मकाम आसानी से बना लेते हैं, और रह गई बात आपकी तो अच्छे लोगों को खोकर आपने कितना घाटे का सौदा किया ये बात वक्त आपको समझा देगा !!!
Umair Salafi Al Hindi