Monday, February 7, 2022

यजीदी कौन ?? (किस्त 1)




 यजीदी कौन ?? (किस्त 1)

तहरीर ज़रा लम्बी है लेकिन पूरी पढ़ लीजिए , ये दरसअल मौलाना अताउल्लाह अल मुहसिन शाह बुखारी देवबंदी का खिताब है, मौसूफ अहले हदीस नहीं थे लेकिन ये तहरीर पढ़ें, क्या जानदार और शानदार खिताब था,
यजीद कौन ??
दलील के साथ इख्तेलाफ़ करेंगे ??
सय्येदना हुसैन (ra) के हादसे सहादत के जमन में हमारे मौकफ के मुतअल्लिक़ ये मशहूर किया जाता है कि ये तो यजीदी हैं, हत्ता के पाकिस्तान के एक ज़िद्दी मोलवी ने हमें यजीदी लिख भी दिया,
किसी के लिखने से क्या होता है ?? भाई यजीदी तो दरअसल वह है जिसने यजीद की बय्यत की, और बय्यत की सय्यदना हजरत हुसैन के भाई ( मुहम्मद बिन अली उर्फ मुहम्मद बिन हंफिया) ने, ये रिवायत मजबूत सनद के साथ तारीख में मौजूद है और इस मौलवी को नज़र नहीं आता जो हमें बतौर गाली यजीदी कहा जाता है,
अहद यजीद के जिन मारूफ सहाबा ने बगैर जब्र वा जबरदस्ती यजीद की बैयत की उनमें जनाब हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर, जनाब अब्दुल्लाह बिन अब्बास और सय्यदन हजरत नोमान बिन बशीर शामिल हैं, यजीदी ये हुए के मैं ??
हमनें ना तो यजीद की बायत की , ना उसका ज़माना पाया, ना उसके अमाल देखे, ना उसके अहवाल देखे, हमने तो तारीख लिखी हुई एक बात सुनाई, और जाहिल मौलवी के मुंह खुल गए के सहाबा यजीदी हैं, ये यजीदी हैं,
अब हमको बताओ यजीद की बायत हमने कि के हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर ने ?? अबदुल्लाह बिन अब्बास ने , सय्यदना हजरत हुसैन के भाईयों ने ?? हज़रत अकील के बेटों ने ? हज़रत जाफर तैय्यार के बेटे ने ? सय्यदना हुसैन के बहनोई ने ??
हमारा क्या कसूर है ??
ये बताना जुर्म है तो हम ये जुर्म करते रहेंगे , और ना ही ऐसा जुर्म है के उसके बताने से हम रुक जाएं, रुक नहीं सकते, ये काफिला बढ़ेगा, बहुत दूर तक जायेगा, और वो तुम्हारा दाम तज्वीर और ये लखनऊ मुल्तान के बदमाशों की बदमाशियां हम खतम करके दम लेंगे इंशाल्लाह,
हमारे बुजुर्गों ने हमें इसी रास्ते पर चलाया है, सही रास्ते पर चलाया है, इस्तेकामत अता फरमाई है, तुम्हारे जबर वा ज़ुल्म का हमें कोई डर है ना तुम्हारे पैसों की कोई लालच हमारा कोई ताल्लुक नहीं है इससे , इस बात से ताल्लुक है के बात कब पहुंचीं है ?? किसको पहुंची है ??और किस तरह पहुंचीं है ?? कौन पहुंचाता है ?? किस तरह पहुंचाता है??
तुम हमें यजीदी कहो, यहां हमारे सामने आकर कहो, हम तुम्हें आकर बताएंगे कि यजीदी कौन है ??
हजरत हुसैन राजियाल्लाहु ताला अनहु ने सफर कर्बला में 7 मर्तबा कहा के मैं यजीद के हाथ पर हाथ रखता हूं, मेरा रास्ता खाली करो मैं जाता हूं,
बताओ यजीदी कौन हुआ ??
जारी.....
तहरीर: मौलाना अताउल्लाह अल मोहसिन शाह बुखारी देवबंदी
तर्जुमा: Umair Salafi Al Hindi

Sunday, February 6, 2022

महिला सम्मान और इस्लाम

 




महिला सम्मान और इस्लाम

महिला सम्मान के खातिर हज्जाज बिन यूसुफ ने जो अपने दौर में एक जबरदस्त जरनैल था जिससे मुजरिम कांपते थे, उसने अपने भतीजे मुहम्मद बिन कासिम को साथ हज़ार लश्कर के साथ हिंद भेजा और भतीजे कासिम ने हज्जाज़ बिन यूसुफ की ख्वाहिश पूरी की और उस मुसलमान महिला हो राजा दाहिर के चंगुल से आजाद कराया,

ये तो थी एक मुस्लिम महिला के सम्मान की बात, क्या आप जानते हैं स्पेन में किस महिला के सम्मान के खातिर तारिक बिन जियाद ने स्पेन में रॉडिक की हुकूमत को धूल चटा दी थी,

वो महिला थी राजा रादरिक के गवर्नर जूलियन की बेटी फ्लोरिडा जो ईसाई थी,

याद रहे दोनो लश्कर कुशी का हुक्म का परवाना हज्जाज बिन यूसुफ के नाम है, जो बनू उमय्या के वक्त के बसरा वा कुफा का गवर्नर था, और आज के लिब्बू वा चलांडू कहते है औरतों को इस्लाम सम्मान नहीं देता

Saturday, February 5, 2022

लोगों के रवैय्यों से परेशान ना हों




 लोगों के रवैय्यों से परेशान ना हों, आपको अपने अमाल का सिला अल्लाह ताला से लेना है लोगों से नहीं, लोगों की बातों को दिल पर लेना छोड़ दें , अपनी जिंदगी का मकसद सिर्फ रब को राज़ी करना रखें , जब मकसद रब को राज़ी करना होगा तो लोगों की बातें परेशान नहीं करेंगी,


मैंने ये सीखा है के जब तक मैं हर एक की बात को अपने दिल से लगाता रहूंगा तब तक मैं अजियत में रहूंगा , किसी इंसान को सिर्फ अल्फाज़ से मेरा सुकून छीनने का इख्तियार नहीं होना चाहिए ,

Umair Salafi Al Hindi

Friday, February 4, 2022

पता नहीं सैय्यदना हसन से शिया के नज़दीक ऐसा कौनसा जुर्म हुआ है के वह उन्हे इस क़दर याद नहीं करते जैसा सैय्यदना हजरत हुसैन को याद करते हैं,

 



पता नहीं सैय्यदना हसन से शिया के नज़दीक ऐसा कौनसा जुर्म हुआ है के वह उन्हे इस क़दर याद नहीं करते जैसा सैय्यदना हजरत हुसैन को याद करते हैं,

सैय्यदना हुसैन की सीरत खूब सुनाते हैं और सैय्यदना हसन की सीरत के बाब को बड़ी चालाकी से गोल कर जाते हैं,
आप उनके सोशल मीडिया पर जाकर पेज देख लें, ग्रुप देख लें, उनके जाकिरीन की महफिलें देख लें, अजादारी की मजलिसें देख लें , उनके इमाम बाड़ों में जाकर उनके प्रोग्राम सुन लें बस हज़रत हुसैन का तजकिरा मिलेगा , और हजरत हसन का ज्यादा से ज्यादा पंजतन पाक के तौर पर दीवारों, पोस्टरों, और बैनरों पर नाम लिख देंगे ,
लेकिन जिस जोश वा मुहब्बत और गुलु के साथ सैय्यदना हुसैन का तजकिरा करते हैं, उनके नाम के नारे लगाते हैं इस तरफ सैय्यदना हसन का तजकिरा नहीं करते और ना उनके नाम के नारे लगाते हैं,
पता नहीं उनके नज़र में सैय्यदना हसन का ऐसा कौनसा कसूर है जिसने उन्हे इस कदर नजर अंदाज करने पर मजबूर कर दिया ,
कहीं ये लोग सुलह हसन से तो खफा नहीं हैं ??
साभार: शैख कमालुद्दीन सनाबिली
तर्जुमा: Umair Salafi Al Hindi
Blog: Islamicleaks

Thursday, February 3, 2022

मैने बहुत अरसों तक लोगों की पसंद और नापसंद का बोझ खुद पर उठाए रखा है के,





 मैने बहुत अरसों तक लोगों की पसंद और नापसंद का बोझ खुद पर उठाए रखा है के,


फलां को फलां चीज़ बुरी लग जायेगी मगर, अब मुझे खुद के लिए वक्त मिला है, जबसे खुद से मुलाकात करना शुरू किया है तो एहसास हुआ के हमें हर किसी का बोझ खुद पर लेकर जिंदा नहीं रहना खुलूस और प्रेशर को मिक्स अब नहीं करना ,

वरना दूसरों की ख्वामखाह की उम्मीदें मेरा सांस लेना भी मुश्किल कर देंगी, मैने खुद को एहसास दिलाना शुरू किया के अगर मैं लोगों के लिए सिर्फ नियत खालिस कर लूं और जरूरत पड़ने पर मयस्सर रहूं तो यही काफी है मुझे मेरी नज़र में अपने को मोअतबार बनाने के लिए,

लेकिन खुद को बिलावजाह थकाना नहीं है, क्योंकि आखिर में सोचना हर किसी को अपने मनपसंद तरीके से ही है , लिहाजा मुझे खुद को Manipulate नहीं होने देना, मुझे लोगों के इशारों पर नहीं जीना,

मुझे खुद को मारकर नहीं जीना जो मेरा खास होगा वह मिल जायेगा और जिसे जाना होगा चला जायेगा !!

मनकूल

साभार: Umair Salafi Al Hindi
Blog: Islamicleaks

Wednesday, February 2, 2022

अगर सच्ची होती वफ़ा खून के रिश्तों में, तो कभी बिकता ना यूसुफ(AS) मिस्र के बाजारों में !!

 




अगर सच्ची होती वफ़ा खून के रिश्तों में,
तो कभी बिकता ना यूसुफ(AS) मिस्र के बाजारों में !!

आपकी बड़ी आजमाइश जरूर आकर रहेगी जिनसे आप सबसे ज़्यादा मुहब्बत और भरोसा करते हैं... अल्लाह ताला कुरआन में फरमाता है

"...और हमने तुम लोगों को एक दुसरे के लिये आज़माइश का ज़रिआ बना दिया है। क्या तुम सब्र करते हो? तुम्हारा रब सबकुछ देखता है।" (सुराह फुरकान आयत 20)

इस फानी होने वाली जिंदगी को जीना सीखिए सब्र, खूलूस, ईमानदारी और नमाज़ के साथ, अल्लाह ताला ने साफ साफ बता दिया है की वो दूसरे लोगों से आपको आजमाएगा,

हर आजमाइश अल्लाह को राज़ी करने का मौका है, तो इसलिए अल्लाह के साथ अपना रिश्ता मजबूत करें,

मंकूल

साभार: Umair Salafi Al Hindi
blog: islamicleaks

Tuesday, February 1, 2022

अना (ज़िद) सब में होती है

 



अना (ज़िद) सब में होती है, झुकना कोई भी पसंद नहीं करता, मगर इसके बावजूद कोई अपनी अना का गला घोंट कर आपके लिए झुक रहा है,आपको संभालकर रखना चाहता है तो कदर करें ऐसे रिश्तों की ..!!!

वरना अच्छे लोगों का क्या है वह कहीं भी किसी भी जगह अपना मकाम आसानी से बना लेते हैं, और रह गई बात आपकी तो अच्छे लोगों को खोकर आपने कितना घाटे का सौदा किया ये बात वक्त आपको समझा देगा !!!

Umair Salafi Al Hindi