Al Tamur Traders

Thursday, September 11, 2014

PROPAGANDA OF SAFFARON JIHAADIS (RSS)

सभी R.S.S के हिन्दू भाईयों से ये अपील है कि:-


 (1) जितने भी हिन्दू लड़के मुस्लिम लड़कों के साथ दोस्ती किये बैठे है, उनकी दोस्ती फौरन ख़त्म कराई जाऐ ।
 

 क्या पता ये भी कोई साज़िश हो, पहले मुस्लिम लड़के हिन्दू लड़कों से दोस्ती करेंगे फिर उन्हें अपनी बातों में फँसाऐगे और फिर उनको कालेज के बजाय अपने साथ मदरसे में ले जाएँगे, इसे "Friend Jihaad" कहते है ।


 (2) और हाँ एक बात और कोई भी हिन्दू युवक या युवती किसी मुसलमान की टैम्पो या रिक्शा में न बैठे, क्या पता वो टैम्पो या रिक्शे वाला आपको लेकर कहीं भाग गया तो??

 आजकल टैम्पो और रिक्शे वाले ज़्यादातर मुस्लिम ही है, इसमें भी कोई साज़िश हो सकती है ।
 इसे "Riksha Jihaad" कहते है ।


 (3) कोई पुलिस वाला अगर मुस्लिम हो तो उससे कोई कार्यवाही मत करना, क्या पता वो आपको फँसा दे ।
इसे "Police Jihaad" कहते है ।


 (4) अगर कोई जज मुस्लिम हो तो उसपे भरोसा मत करना क्या पता वो आपको फाँसी पर लटकवा दे । इसे "Jaj Jihaad" कहते है ।


 (5) किसी मुस्लिम डाक्टर से इलाज भी मत कराना, क्या पता वो आपको कोई ऐसी दवाई दे दे कि आप सबकुछ भूलकर कलाम पढ़ने लगें । इसे "Doctor Jihaad" कहते है ।


 (6) और हाँ देश में दूध बेचने का काम भी ज़्यादातर मुस्लिम ही करते है । याद रखें उनसे दूध न ख़रीदें ये "दूध जिहाद" हो सकता है । क्या पता आपने दूध पिया और डकार आते ही "अल्लाह तेरा शुक्र" आपके मुँह से निकलने लगे, बस और हो जाऐगा आपका धर्मांतरण ।


 (7) किसी मुस्लिम मैकेनिक से अपनी गाड़ी ठीक न कराएँ, हो सकता है आपकी गाड़ी सीधी मस्जिद के सामने जाकर खड़ी हो जाये और आप नमाज़ पढ़ना शुरु कर दें । इसे "मैकेनिक जिहाद" कहते है ।


 (8) देश में कपड़े बुन्ने और सीने का ज़्यादातर काम भी मुस्लिम ही करते है, उनसे कपड़े न बुन्वाएँ और न सिलवाएँ, हो सकता है कि आप उनके हाथों सिले- बुने कपड़े पहने और मुसलमान बन जाएँ ।
इसे "कपड़ा जिहाद" कहते है ।

 अपने पराईवेट पार्टो को छुपाने के लिये पुरापाषण काल के लोगों की तरह पत्तों का इस्तेमाल करें ।

 तो भाईयों! ठान लो कि आप इन मुसलमानों को उनके मकसद में कामयाब नहीं होने दोगे, और मुसलमानों से पूरी तरह बचके रहेंगे ।

 "धर्मांतरण कराने को बस एक ही मुस्लिम काफी है,

अंजामे गुलिस्ताँ क्या होगा? हर शाख़ पे मुस्लिम बैठा है" ।